धराली आपदा को लेकर एनडीएमए ने लगातार दूसरे दिन की समीक्षा बैठक
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए), गृह मंत्रालय भारत सरकार के विभागाध्यक्ष एवं सदस्य सचिव राजेंद्र सिंह ने लगातार दूसरे दिन धराली तथा आसपास के क्षेत्रों में संचालित राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की।
इस दौरान उन्होंने ग्राउंड ज़ीरो पर चल रहे रेस्क्यू अभियान की जानकारी ली और सड़क, संचार एवं विद्युत आपूर्ति की बहाली के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की। उन्होंने आश्वासन दिया कि एनडीएमए एवं भारत सरकार की ओर से राज्य को आवश्यक सभी सहयोग सर्वोच्च प्राथमिकता पर प्रदान किया जाएगा।
रेस्क्यू में आ रही चुनौतियों की जानकारी
राजेंद्र सिंह ने रेस्क्यू कार्य में आ रही प्राकृतिक और तकनीकी चुनौतियों की जानकारी ली और केंद्रीय एजेंसियों को आपसी समन्वय के साथ तेज़ गति से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए।
राज्य के आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास सचिव, विनोद कुमार सुमन ने बताया कि सड़कें बाधित होने के कारण मानव संसाधन एवं उपकरणों की आपूर्ति में दिक्कतें आ रही हैं। हवाई सेवाओं के माध्यम से हर्षिल घाटी के विभिन्न स्थानों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालकर उनके गंतव्य की ओर भेजा जा रहा है।
राजेंद्र सिंह ने जानकारी दी कि धराली में राहत कार्यों के लिए डोज़र, ग्राउंड पेनेट्रेटिंग रडार सहित सभी आवश्यक उपकरण एयरलिफ्ट कर वायुसेना के MI-17 और चिनूक हेलीकॉप्टरों के माध्यम से पहुंचाए जा रहे हैं।

कमांड पोस्ट सक्रिय करने के निर्देश
उन्होंने धराली में मिलिट्री और सिविल कमांड पोस्ट, साथ ही इंसिडेंट कमांड पोस्ट को शीघ्र सक्रिय करने के निर्देश दिए। प्रभावित क्षेत्रों को सेक्टर्स में विभाजित कर हर सेक्टर के अनुसार टीमों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा।
इस अवसर पर एनडीएमए के सदस्य लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन, मेजर जनरल सुधीर बहल, कर्नल केपी सिंह, कर्नल नदीम अरशद, और राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र से विनोद कुमार सुमन व डीआईजी राजकुमार नेगी भी बैठक में उपस्थित थे।
सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, मौसम विज्ञान विभाग, और आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों ने ऑनलाइन माध्यम से बैठक में भाग लिया।
आपदा पर अध्ययन के लिए विशेषज्ञ दल जल्द उत्तराखंड आएगा
राजेंद्र सिंह ने बताया कि इस आपदा के गहन अध्ययन के लिए जल्द ही एक विशेषज्ञ दल उत्तराखंड भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि एनडीएमए ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश में आई आपदा का भी अध्ययन करवाया था, जिसकी रिपोर्ट से उत्तराखंड व हिमाचल में लगातार हो रही ऐसी घटनाओं के कारणों को समझने में मदद मिलेगी।
यह विशेषज्ञ दल पीडीएनए (Post Disaster Needs Assessment) और अंतर-मंत्रालयी दल के दौरे के तुरंत बाद भेजा जाएगा।
पुनर्निर्माण हेतु विशेष प्रावधानों की सिफारिश
एनडीएमए के सदस्य सचिव ने कहा कि आपदा की इस घड़ी में एनडीएमए उत्तराखंड के साथ मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि एनडीएमए, वित्त आयोग से उत्तराखंड के लिए विशेष प्रावधानों की सिफारिश करेगा ताकि पुनर्निर्माण में धन की कोई कमी न हो।
हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और औली में लगेंगे डॉपलर राडार
राजेंद्र सिंह ने बताया कि जल्द ही हरिद्वार, ऊधमसिंहनगर और औली में एक-एक डॉपलर राडार स्थापित किए जाएंगे। इससे मौसम पूर्वानुमान और चेतावनी प्रणाली में उल्लेखनीय सुधार होगा। उन्होंने मौसम विज्ञान विभाग को उत्तराखंड के लिए इसे प्राथमिकता पर स्थापित करने के निर्देश दिए।
इसके अतिरिक्त, ‘मिशन मौसम’ के तहत राज्य के अन्य प्रमुख क्षेत्रों में भी डॉपलर राडार लगाने का आश्वासन दिया गया।

