चीन से भारत को सतर्क रहने की जरूरत : सीडीएस
चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने उत्तराखंड में चीन सीमा पर चौकन्ना रहने की बात कही है। सैन्य अधिकारियों के साथ संवाद में उन्होंने हर स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा है।
उन्होंने सैन्य अफसरों से कहा, ‘उत्तराखंड की सीमाएं भले शांत हैं, लेकिन चीन सीमा को लेकर सतर्क रहना बेहद जरूरी है।’
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयोजित देवभूमि मेगा एक्स सर्विसमैन रैली में उन्होंने कहा, ‘भारत और चीन के बीच कुछ सीमा क्षेत्रों को लेकर मतभेद हैं और उत्तराखंड के बाड़ाहोती क्षेत्र में भी पूर्व में ऐसी स्थितियां देखने को मिली हैं, इसलिए सीमा की निगरानी और सतर्कता में किसी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए।’
उत्तराखंड के लोग सीमा पर सजग प्रहरी की तरह
सीडीएस जनरल चौहान ने कहा, ‘उत्तराखंड के सीमावर्ती गांवों के लोग देश की सीमा पर सजग प्रहरी की तरह हैं। सीमाओं की सुरक्षा केवल सेना की ही नहीं, बल्कि सीमांत गांवों की भी साझा जिम्मेदारी है। उत्तराखंड का गौरवशाली इतिहास रहा है, यहां के लोगों ने हमेशा सीमाओं की रक्षा में अपना योगदान दिया है।’

जनरल चौहान ने कहा, ‘उन्हें हिंदी फिल्म ‘आंखें’ का गीत ‘उस मुल्क की सरहद को कोई छू नहीं सकता, जिस मुल्क की सरहद की निगहबान हैं आंखें’ बेहद प्रिय है, क्योंकि यह हमारे सैनिकों और सीमांत ग्रामीणों की सतर्कता का प्रतीक है।’
उन्होंने कहा, ‘भारतीय सशस्त्र सेनाएं तेजी से आधुनिक युद्ध प्रणाली और तकनीक की ओर बढ़ रही हैं। भारत एक शांतिप्रिय राष्ट्र है, लेकिन अपनी संप्रभुता पर किसी भी प्रकार का खतरा बर्दाश्त नहीं करेगा।’
जनरल चौहान ने पूर्व सैनिकों को राष्ट्र की सीमाओं की ‘सतर्क आंखें’ बताते हुए उनके निस्वार्थ सेवा भाव की सराहना की और युवाओं से उनसे प्रेरणा लेने का आह्वान किया। जनरल अनिल चौहान ने कहा कि ‘अब 70 साल से अधिक के पूर्व सैनिकों को घर पर ही दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।’
देहरादून में एक्स सर्विसमैन की रैली में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी आदि उपस्थित थे। सैन्य अधिकारियों ने बुके देकर सीडीएस जनरल अनिल चौहान का स्वागत किया।
रैली के दौरान पूर्व सैनिकों के स्वास्थ्य की जांच के लिए शिविर लगाया गया। इस अवसर पर पेंशन संबंधित अन्य समस्याओं का भी निस्तारण किया गया।

