यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ा, स्यानाचट्टी में घर और होटल में घुसा पानी

यमुना नदी में बनी झील का जलस्तर बढ़ा, स्यानाचट्टी में घर और होटल में घुसा पानी

लोकेंद्र सिंह बिष्ट, उत्तरकाशी

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जनपद में यमुनोत्री हाईवे पर स्थित स्यानाचट्टी क्षेत्र में भारी बारिश के चलते खड्ड से आए मलबे और बोल्डरों के कारण यमुना नदी का प्रवाह बाधित हो गया, जिससे नदी में अस्थायी झील बन गई है।

गुरुवार को झील का जलस्तर अचानक बढ़ने से कई घर और होटल जलमग्न हो गये हैं, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल है।

प्रशासन ने खाली कराए घर और होटल

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने तत्काल सभी घरों और होटलों को खाली करवा दिया, और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया गया है।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि NDRF की टीम बोट के साथ घटनास्थल पर पहुंच चुकी है, वहीं SDRF, पुलिस और जिला प्रशासन की अन्य टीमें भी राहत एवं बचाव कार्य में जुटी हैं।

जिलाधिकारी ने स्थिति की सूचना मिलते ही आपदा स्मार्ट कंट्रोल रूम पहुंचकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि झील को आज शाम या कल प्रातः तक सुरक्षित रूप से खोलने का प्रयास किया जाएगा।

प्राकृतिक आपदा से लोगों में दहशत

स्थानीय निवासियों और पर्यटकों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। अचानक बढ़े जलस्तर और खड्ड के रौद्र रूप को देखते हुए अभिभावकों ने बच्चों को स्कूल नहीं भेजा। क्षेत्र में भय का माहौल है, हालांकि प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से बचने की अपील की है।

 

कैसे बनी झील जैसी स्थिति?

स्यानाचट्टी के समीप एक तीव्र ढलान वाले क्षेत्र में स्थित खड्ड, यमुना नदी में आकर मिलती है। बारिश और तेज धूप के कारण खड्ड में ऊपर से भारी मलबा और बोल्डर बहकर आए, जिससे यमुना नदी का प्रवाह अवरुद्ध हो गया। यह रुकावट धीरे-धीरे झील का रूप लेने लगी और पानी का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया।

प्रशासन सतर्क, राहत कार्यों में तेजी

SDM बड़कोट बृजेश तिवारी ने बताया कि यमुनोत्री धाम के मुख्य मार्ग पर जलभराव के कारण घरों और होटलों को भारी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि यमुना जी पर बने झीलनुमा अवरोध के टूटने की आशंका के चलते और अधिक नुकसान हो रहा है।

इसके साथ ही, खराड़ी क्षेत्र में पहाड़ी धंसाव के कारण करीब दस होटल और कई परिवारों के घर खतरे की चपेट में आ गए हैं। SDM ने बताया कि विशेष राहत दल स्यानाचट्टी भेजे गए हैं और खराड़ी क्षेत्र के लिए उच्चस्तरीय निरीक्षण दल रवाना किया गया है।

जन सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता

प्रशासन का कहना है कि मलबा हटाने और जल निकासी के लिए कार्य प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है। SDRF और NDRF की टीमें सभी जरूरी संसाधनों के साथ मौके पर तैनात हैं। अधिकारियों का प्रयास है कि यमुना नदी का प्रवाह जल्द से जल्द सामान्य किया जाए।

ग्रामीण कर रहे हैं स्थायी समाधान की मांग

प्रशासन ने स्यानाचट्टी के आसपास के गांवों को अलर्ट पर रखा है और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या हर वर्ष बरसात में दोहराई जाती है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि खड्ड और यमुना नदी के संगम पर तकनीकी समाधान और मजबूत संरक्षण कार्य किए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी आपदाओं से बचा जा सके।

Yogi Varta

Yogi Varta

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *