यूपी ने बनाया नया रिकॉर्ड: 26 हजार से अधिक गांवों में पहुंचा ‘हर घर जल’

यूपी ने बनाया नया रिकॉर्ड: 26 हजार से अधिक गांवों में पहुंचा ‘हर घर जल’

उत्तर प्रदेश ने जल जीवन मिशन के तहत एक नया कीर्तिमान स्थापित करते हुए ग्रामीण पेयजल व्यवस्था में ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। प्रदेश में अब तक 26,564 गांवों को ग्राम पंचायतों द्वारा ‘हर घर जल’ प्रमाणित किया जा चुका है। इसके साथ ही लगभग ढाई करोड़ ग्रामीण परिवारों को क्रियाशील गृह नल संयोजन उपलब्ध कराया गया है।

यह उपलब्धि न केवल ग्रामीण जीवन की गुणवत्ता में सुधार का प्रमाण है, बल्कि सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

गांव-गांव तक पहुंची पाइप पेयजल योजना

जल जीवन मिशन के तहत प्रदेश में गांव-गांव तक पाइप पेयजल योजनाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। वर्तमान में 97 हजार से अधिक गांवों में पाइप पेयजल योजनाओं पर कार्य प्रगति पर है। इन योजनाओं के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में घर-घर नल से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने का लक्ष्य तेजी से साकार हो रहा है।

सौर ऊर्जा आधारित मॉडल को प्राथमिकता

प्रदेश सरकार ने पेयजल योजनाओं को दीर्घकालिक, किफायती और पर्यावरण-अनुकूल बनाने के लिए सौर ऊर्जा आधारित मॉडल को प्राथमिकता दी है। वर्तमान में उत्तर प्रदेश की लगभग 80 प्रतिशत ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाएं ग्रीन एनर्जी पर आधारित हैं।

अब तक 33 हजार से अधिक ग्रामीण पाइप पेयजल योजनाएं सौर ऊर्जा आधारित बनाई जा चुकी हैं, जिससे बिजली व्यय में उल्लेखनीय कमी आई है। इन सोलर आधारित पेयजल योजनाओं के माध्यम से हर वर्ष लगभग 13 लाख मीट्रिक टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आ रही है।

केंद्रीय सचिव ने किया योजनाओं का निरीक्षण

केंद्र सरकार के सचिव अशोक कुमार मीना ने उत्तर प्रदेश जल निगम (ग्रामीण), लखनऊ के अंतर्गत विकास खंड गोसाईगंज स्थित चांद सराय ग्रामीण पेयजल आपूर्ति योजना का स्थलीय निरीक्षण किया।

सचिव ने योजना की गुणवत्ता, तकनीकी दक्षता, स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित परिसर तथा संपूर्ण परियोजना संचालन की सराहना करते हुए इसे उत्कृष्ट और आदर्श मॉडल बताया।

निरीक्षण के दौरान उन्होंने योजना के अंतर्गत निर्मित ट्यूबवेल, पंप हाउस, ओवरहेड टैंक, 6 किलोमीटर लंबी वितरण प्रणाली, 486 क्रियाशील गृह नल संयोजन, 17.50 किलोवाट क्षमता का सोलर प्लांट, डीजी सेट तथा क्लोरिनेशन एवं स्वचालन प्रणाली का गहन अवलोकन किया। इसके उपरांत परिसर में पौधरोपण भी किया गया।

सचिव ने एफएचटीसी से लाभान्वित महिलाओं, ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति के सदस्यों, ग्राम प्रधान और पंप ऑपरेटर से संवाद किया। इस योजना की कुल लागत 260.95 लाख रुपये है।

महिलाओं और बच्चों को मिली बड़ी राहत

जल जीवन मिशन की यह सफलता ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सुधार और महिला सशक्तिकरण से सीधे तौर पर जुड़ी हुई है। घर-घर नल से जल उपलब्ध होने के कारण महिलाओं और बच्चों को पानी ढोने की कठिनाई से मुक्ति मिली है। साथ ही स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता से जलजनित बीमारियों में भी उल्लेखनीय कमी दर्ज की जा रही है।

Yogi Varta

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