चमोली के किसानों को बड़ी राहत, अब ITBP को सीधे बेच सकेंगे सब्जियां
उत्तराखंड सरकार ने सीमांत जनपद चमोली के किसानों की आय बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की है। उत्तराखंड औद्यानिक परिषद ने भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) के साथ सब्जियों की सीधी खरीद को लेकर अनुबंध किया है। इसके तहत अब स्थानीय काश्तकार अपनी उपज सीधे ITBP को बेच सकेंगे, जिससे उन्हें बाजार और बिचौलियों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
राज्य सरकार की यह पहल मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की किसानों की आय बढ़ाने की नीति का हिस्सा मानी जा रही है। जानकारी के अनुसार यह अनुबंध 1 अप्रैल 2026 से लागू किया गया।
जोशीमठ से योजना की शुरुआत
योजना का संचालन शुक्रवार को जोशीमठ क्षेत्र के बड़ागांव स्थित भद्रेश्वर कृषक उत्पादक संगठन द्वारा शुरू किया गया। पहली खेप को उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

पहली सप्लाई में किसानों ने भेजी:
- 50 किलोग्राम मटर
- 8 किलोग्राम लहसुन
- 50 किलोग्राम राई
- 5 किलोग्राम धनिया
- 5 किलोग्राम चुकन्दर
इस पहली खेप से किसानों को लगभग 9 हजार रुपये की आय प्राप्त हुई।
किसानों को क्या होगा फायदा?
स्थानीय किसान मोहन सिंह कम्दी और सुखदेव सिंह का कहना है कि यह व्यवस्था पहाड़ी किसानों के लिए काफी लाभकारी साबित होगी। अब उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए दूर के बाजारों में नहीं जाना पड़ेगा और उन्हें तय खरीदार भी मिलेगा।
योजना का महत्व
यह पहल कई कारणों से महत्वपूर्ण मानी जा रही है:
- सीमांत क्षेत्रों में कृषि को प्रोत्साहन मिलेगा
- किसानों को स्थायी बाजार उपलब्ध होगा
- बिचौलियों की भूमिका कम होगी
- स्थानीय उत्पादों की मांग बढ़ेगी
- युवाओं का खेती की ओर रुझान बढ़ सकता है
- ITBP को ताजा और स्थानीय सब्जियां मिलेंगी
- क्या यह मॉडल आगे बढ़ सकता है?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह मॉडल सफल रहता है तो इसे पिथौरागढ़, उत्तरकाशी और अन्य सीमांत जिलों में भी लागू किया जा सकता है, जहां सेना और अर्धसैनिक बल बड़ी मात्रा में खाद्य सामग्री खरीदते हैं।
हालांकि फिलहाल इस समझौते की आधिकारिक विस्तृत प्रति सार्वजनिक रूप से उपलब्ध नहीं मिली, लेकिन ITBP द्वारा उत्तराखंड क्षेत्र में फल-सब्जी खरीद से जुड़े टेंडर और आपूर्ति व्यवस्थाएं पहले से संचालित रही हैं।

