सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने श्रीनगर विश्वविद्यालय में छात्रों से किया संवाद
देश के सीडीएस जनरल अनिल चौहान आज श्रीनगर गढ़वाल पहुंचे। हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय के चौरास परिसर में एनसीसी कैडेटों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। वह अपनी पत्नी अनुपमा चौहान के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित कार्यक्रम में जनरल अनिल चौहान मुख्य अतिथि तथा उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय सुरक्षा सबकी साझा जिम्मेदारी
अपने संबोधन में सीडीएस ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल वर्दीधारी अधिकारियों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है। सामरिक सोच को जन-जन तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है, ताकि राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रति व्यापक जन-जागरूकता विकसित हो सके।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं को सदैव एक विद्यार्थी मानते हैं और जीवन में सरलता अपनाने का प्रयास करते हैं। ‘सादगी ही जीवन में सबसे बड़ी तरक्की है।’ उन्होंने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि पचास वर्षों से अधिक की यात्रा में संस्थान ने सही दिशा, गति और कठोर परिश्रम से उल्लेखनीय उपलब्धियां अर्जित की हैं।

‘स्ट्रैटेजिक कल्चर’ को लेकर भ्रांतियां दूर करने की जरूरत
राष्ट्रीय सुरक्षा पर अपने विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि भारत में ‘स्ट्रैटेजिक कल्चर’ यानी रणनीतिक संस्कृति को लेकर जो भ्रांतियां हैं, उन्हें दूर करने की आवश्यकता है। रक्षा और सुरक्षा के मुद्दों पर व्यापक सार्वजनिक विमर्श होना चाहिए। उन्होंने उत्तराखंड को देवभूमि और सैन्यभूमि दोनों बताते हुए कहा कि राज्य इन दोनों पहचानों के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
विश्वविद्यालय को भेंट कीं 227 पुस्तकें
सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने केंद्रीय पुस्तकालय को भारत, अंतरराष्ट्रीय संबंधों तथा साइबर सुरक्षा से जुड़ी 227 महत्वपूर्ण पुस्तकें भेंट कीं। इन पुस्तकों को विश्वविद्यालय की सेंट्रल लाइब्रेरी में औपचारिक रूप से शामिल किया गया। राष्ट्रीय सुरक्षा, सामरिक अध्ययन और वैश्विक परिदृश्य से संबंधित ये पुस्तकें विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध होंगी।

गढ़वाल के दूसरे सीडीएस, क्षेत्र में उत्साह
पौड़ी गढ़वाल के खिर्सू ब्लॉक के गवाणा गांव निवासी जनरल अनिल चौहान देश के दूसरे सीडीएस हैं। उल्लेखनीय है कि देश के पहले सीडीएस, स्वर्गीय जनरल बिपिन रावत ने भी वर्ष 2021 में गढ़वाल विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं से संवाद किया था। उनके इस एकदिवसीय दौरे को लेकर स्थानीय लोगों में विशेष उत्साह देखा गया।
चौरास कैंपस में पारंपरिक वाद्य यंत्रों के साथ सीडीएस का स्वागत किया गया। मेडिकल कॉलेज में भी कार्यक्रम को लेकर व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रहीं। कार्यक्रम के समन्वयक प्रो. एमपीएस बिष्ट तथा मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने बताया कि छात्रों में कार्यक्रम को लेकर काफी उत्साह है।

‘गढ़वाल के जननायक हैं सीडीएस’
कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि जनरल अनिल चौहान गढ़वाल के जननायक हैं। छोटे से गांव गवाणा से निकलकर सेना के सर्वोच्च पद तक पहुंचना पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। उन्होंने बताया कि अब सीडीएस के गांव तक सड़क पहुंच चुकी है और ग्रामीण उन्हें गांव लाने का आग्रह कर रहे हैं।
उन्होंने सीडीएस से अप्रैल में प्रस्तावित दौरे के दौरान अपने पैतृक गांव आने का आग्रह किया। मंत्री ने बताया कि जनरल अनिल चौहान की पत्नी अनुपमा चौहान विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा रही हैं और उनके प्रयासों से ही विश्वविद्यालय को ये महत्वपूर्ण पुस्तकें प्राप्त हुई हैं। उन्होंने अनुपमा चौहान को धारी देवी मंदिर में दर्शन के लिए भी आमंत्रित किया।

‘माटी अपने सपूत का करती है सत्कार’
चौरास परिसर स्थित ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि सीडीएस द्वारा भेंट की गई 227 पुस्तकों का विधिवत विमोचन स्वयं जनरल अनिल चौहान ने किया।
उन्होंने कहा कि ये पुस्तकें विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। कुलपति ने भावुक शब्दों में कहा, ‘जब कोई सपूत अपनी माटी की ओर लौटता है तो माटी भी उसका सत्कार करती है।’
इस अवसर पर अनुपमा चौहान, प्रो. एमपीएस बिष्ट, ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी, कर्नल आशीष कंडवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

