सीएम धामी पंतनगर किसान मेले में हुए शामिल
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जीबी पंत विश्वविद्यालय में आयोजित 119वें अखिल भारतीय किसान मेले एवं कृषि उद्योग प्रदर्शनी का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मनमोहन सिंह चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि, वैज्ञानिक और किसान उपस्थित रहे।
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्वविद्यालय में लगी उद्यान प्रदर्शनी और विभिन्न महाविद्यालयों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का अवलोकन किया। इसके पश्चात उन्होंने गांधी पार्क में महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

किसानों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे मेले किसानों को नई कृषि तकनीकों, उन्नत बीजों और आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि किसान देश के अन्नदाता ही नहीं बल्कि राष्ट्र की प्रगति के आधार हैं। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से देशभर के लगभग 10 करोड़ किसानों को लाभ मिल रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों के खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जा रही है। इसके अलावा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं से किसानों को आर्थिक सुरक्षा और तकनीकी सहयोग मिल रहा है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हित में कई महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। किसानों को तीन लाख रुपये तक का बिना ब्याज ऋण, कृषि उपकरणों की खरीद पर 80 प्रतिशत तक सब्सिडी तथा नहरों से निःशुल्क सिंचाई की सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही पॉलीहाउस निर्माण, बागवानी विकास और ड्रिप सिंचाई को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में बागवानी और उच्च मूल्य वाली फसलों को प्रोत्साहित करने के लिए नई सेब नीति, कीवी मिशन और ड्रैगन फ्रूट उत्पादन जैसी योजनाएं लागू की गई हैं। रुद्रपुर, सितारगंज और बाजपुर क्षेत्र ड्रैगन फ्रूट उत्पादन के प्रमुख केंद्र बनते जा रहे हैं।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय में वर्ष में दो बार किसान मेला आयोजित किया जाता है, जिससे किसानों को नई तकनीकों और शोध से जुड़ी जानकारी मिलती है। इस बार मेले में पहली बार नवाचार पर विशेष स्टॉल लगाया गया है, जहां विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नई तकनीकों का प्रदर्शन किया गया है।
कार्यक्रम के अंत में निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। इस अवसर पर विभिन्न जिलों से आए 9 प्रगतिशील किसानों और 2 कृषि उद्यमियों को सम्मानित किया गया। मेले में उत्तराखंड के अलावा अन्य राज्यों और नेपाल से भी बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए।

