सीएम योगी ने ‘मिशन शक्ति 5.0’ का किया शुभारंभ
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोक भवन सभागार में महिला सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए समर्पित महत्वाकांक्षी अभियान ‘मिशन शक्ति 5.0’ का भव्य शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘पहले बेटियां सुरक्षित नहीं थीं, लेकिन आज वे खुद अपना रास्ता बना रही हैं। नारी सम्मान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। 2017 के बाद से महिलाओं की स्थिति में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। जब सरकार की नीयत साफ हो, तो योजनाएं अपना रास्ता खुद बना लेती हैं।’
प्रदेश के 1,647 थानों में ‘मिशन शक्ति केंद्रों’ का उद्घाटन
मुख्यमंत्री ने बटन दबाकर प्रदेश के 1,647 थानों में नवस्थापित मिशन शक्ति केंद्रों का वर्चुअल उद्घाटन किया। साथ ही, SOP पुस्तिकाएं, जागरूकता बुकलेट, और ‘सशक्त नारी, समृद्ध प्रदेश’ फोल्डर का भी विमोचन किया गया। इस कार्यक्रम में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जनपदों के अधिकारी और मंत्रीगण जुड़े रहे।

मिशन शक्ति का पांचवां चरण: नई ऊर्जा, नया संकल्प
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2020 में जब मिशन शक्ति की शुरुआत हुई थी, तब इसे लेकर लोगों में संदेह था। परंतु नारी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को केंद्र में रखकर इस अभियान को नारी गरिमा के अनुरूप रूप दिया गया, जिसका परिणाम आज जन-जन के सामने है।
यूपी पुलिस में महिलाओं की भागीदारी में ऐतिहासिक वृद्धि
मुख्यमंत्री ने बताया कि 2017 से पहले पुलिस में महिला कार्मिकों की संख्या मात्र 10,000 थी, जो अब बढ़कर 44,000 से अधिक हो चुकी है। प्रत्येक भर्ती में 20% महिलाओं को आरक्षित किया गया है। हाल ही में हुई 60,200 पुलिस कार्मिकों की भर्ती में 12,000 से अधिक महिलाएं चयनित हुई हैं, जो वर्तमान में प्रशिक्षण ले रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि 2017 से पहले ट्रेनिंग क्षमता केवल 3,000 थी, जो अब बढ़कर 60,000 से अधिक हो गई है।
शिक्षा और कल्याण में बेटियों को प्राथमिकता
बेसिक शिक्षा परिषद के 1.60 करोड़ छात्रों में अब बच्चों को 2 यूनिफॉर्म, बैग, जूते-मोजे, किताबें और स्वेटर उपलब्ध कराए जा रहे हैं, जिसकी कुल लागत ₹1,200 प्रति छात्र है। मुख्यमंत्री ने बुंदेलखंड दौरे की एक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि एक बच्ची ने बताया था कि उसके भाई को जूते मिले, लेकिन उसे नहीं क्योंकि वह ‘बेटी’ है। यह घटना योजनाओं को पुनः परिभाषित करने का कारण बनी।
कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह योजना का प्रभाव
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत जन्म से स्नातक तक ₹25,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। अब तक 26 लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हुई हैं। सीएम सामूहिक विवाह योजना के तहत प्रत्येक बेटी को ₹1 लाख की सहायता दी जाती है। पहले यह सहायता चयन में भेदभाव के साथ दी जाती थी, अब सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध है।

हर योजना में अपनाया जा रहा है नारी केंद्रित दृष्टिकोण
मुख्यमंत्री ने केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना (10 करोड़ लाभार्थी), स्वच्छ भारत मिशन (12 करोड़ शौचालय), आयुष्मान भारत (50 करोड़ लाभार्थी), और मुफ्त राशन योजना (80 करोड़ लाभार्थी) इन सभी योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को गरिमा और सुरक्षा प्रदान करना है।
उत्तर प्रदेश में 3 करोड़ ग्रामीण भू-अभिलेखों में से 1 करोड़ से अधिक महिलाओं के नाम दर्ज किए गए हैं। साथ ही 60 लाख गरीबों को आवास भी उपलब्ध कराए गए हैं।
स्वरोजगार और पोषण के क्षेत्र में नारी शक्ति की भागीदारी
बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट सखी योजना से 40,000 महिलाएं जुड़ी हैं जो हजारों करोड़ रुपये का लेन-देन कर रही हैं। 204 टेक होम राशन प्लांट्स में 60,000 महिलाएं ₹8,000 प्रतिमाह कमा रही हैं। 2 करोड़ बहनों को पोषाहार मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बेटियों के रोजगार और योजनाओं में डकैती पड़ती थी, लेकिन अब साफ नीयत के साथ योजनाएं अपने लक्ष्य तक पहुंच रही हैं।
महिला अपराधों पर सख्ती: अपराधी मांग रहे माफी
1 जनवरी 2024 से अब तक (वर्ष 2024-25) के आंकड़ों के अनुसार 9,513 मामलों में 12,271 अपराधियों को सजा, 12 को मृत्युदंड, 987 को आजीवन कारावास, 3,455 को 10+ वर्षों की सजा दी गई।
मुख्यमंत्री ने बरेली की एक घटना का उल्लेख करते हुए बताया कि पुलिस कार्रवाई से घबराकर एक अपराधी ने कहा, ‘गलती से उत्तर प्रदेश आ गया, आगे नहीं करूंगा।’ यह प्रदेश में कानून के डर की गवाही देता है।
जागरूकता अभियान की रूपरेखा
हर थाने में महिला बीट अधिकारी और मिशन शक्ति केंद्र तैनात। महिला सुरक्षा हेतु हेल्पलाइन: 1090, 181, 112, 1930, 1076, 102, 101, 108, 1098। 21 सितंबर को बाइक रैली का आयोजन। नवरात्रि के दौरान मंदिरों की विशेष सुरक्षा। स्कूल-कॉलेजों में फोल्डर वितरित होंगे। मिशन एक माह तक सक्रिय, फिर तीन माह तक विस्तार। सफल महिलाओं और कर्मियों का सम्मान किया जाएगा। सभी विभागों से समन्वय और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

