खुले में कूड़ा जलाने पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना, लापरवाही पर अधिकारियों की भी तय होगी जवाबदेही
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स, 2016 के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी प्रशांत आर्य की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि कचरा प्रबंधन राष्ट्रीय प्राथमिकता का विषय है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि खुले में कूड़ा जलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। नियमों के अनुसार ऐसे मामलों में 5 हजार रुपये से लेकर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा तथा आवश्यकतानुसार विधिक कार्रवाई भी की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि यदि कूड़ा प्रबंधन एवं स्वच्छता व्यवस्था में किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी और जवाबदेही भी तय की जाएगी।

उन्होंने सभी नगर निकायों एवं ग्राम पंचायतों को स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण (Source Segregation) सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण संरक्षण अधिनियम के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए। साथ ही बल्क वेस्ट जनरेटर्स का पंजीकरण, मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) की स्थापना एवं संचालन तथा पुराने कचरे के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए लक्ष्य निर्धारित कर समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
जिलाधिकारी ने कूड़ा प्रबंधन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्थानीय निकायों एवं ग्राम पंचायतों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्य न करने वाले निकायों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
स्वच्छता व्यवस्था को धरातल पर प्रभावी बनाने के लिए उन्होंने जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ), जिला पंचायत और खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) की सीधी जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों, पर्यटन स्थलों तथा तीर्थस्थलों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा इसकी फोटोग्राफी कर रिपोर्ट निर्धारित पोर्टल पर अपलोड की जाए।
बैठक में समिति के सदस्य लोकेंद्र सिंह बिष्ट, मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह (वीसी के माध्यम से), अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र, जिला पंचायत राज अधिकारी प्रताप पंवार, स्वजल विभाग से प्रताप मटूड़ा सहित सभी खंड विकास अधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित रहे।

