श्रीनगर में बनेगा पहला मॉडल पशु चिकित्सालय
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल जिले के पशुपालकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जिले का पहला मॉडल पशु चिकित्सालय श्रीनगर में बनाया जाएगा। इस अस्पताल के बनने से क्षेत्र के पशुपालकों को अपने पशुओं के उपचार के लिए आधुनिक सुविधाएं स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेंगी। इससे उन्हें इलाज के लिए दूर-दराज के शहरों या जिलों में जाने की परेशानी से राहत मिलेगी।
पशुपालकों को मिलेगी आधुनिक चिकित्सा सुविधा
पौड़ी गढ़वाल का अधिकांश ग्रामीण इलाका आज भी पशुपालन पर निर्भर है। यहां के लोग गाय, भैंस, बकरी और भेड़ जैसे पशुओं का पालन करके अपनी आजीविका चलाते हैं। हालांकि लंबे समय से क्षेत्र में पशुओं के लिए आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं की कमी महसूस की जा रही थी। कई बार पशुओं के बीमार होने या दुर्घटना होने पर उन्हें दूसरे जिलों में ले जाना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की समस्या सामने आती थी।
इसी समस्या को देखते हुए श्रीनगर में जिले का पहला मॉडल पशु चिकित्सालय बनाने की योजना को मंजूरी दी गई है। इस अस्पताल में पशुओं के इलाज के लिए आधुनिक उपकरण और विशेषज्ञ सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
विभिन्न पशुओं का होगा आधुनिक इलाज
इस अस्पताल में गाय, भैंस, बकरी, भेड़, कुत्ता, बिल्ली और मुर्गी समेत विभिन्न पशुओं का उपचार आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। यहां पशुओं के लिए सर्जरी, फ्रैक्चर का इलाज, गर्भ जांच और आपातकालीन सेवाओं की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
इसके साथ ही पशुओं की नस्ल सुधार और रोग नियंत्रण के लिए कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण और विभिन्न बीमारियों की जांच जैसी सेवाएं भी प्रदान की जाएंगी। इससे पशुपालकों को अपने पशुओं की बेहतर देखभाल करने में मदद मिलेगी।
अस्पताल में होंगी अत्याधुनिक सुविधाएं
प्रस्तावित मॉडल पशु चिकित्सालय में कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। अस्पताल में अत्याधुनिक ऑपरेशन थियेटर, स्कैन रूम, दवा भंडार और कर्मचारियों के लिए अलग कक्ष बनाए जाएंगे। इसके अलावा यहां डिजिटल रेडियोग्राफी (डीआर) सिस्टम की सुविधा भी होगी, जिससे पशुओं के एक्स-रे आसानी से किए जा सकेंगे।
इस तकनीक की मदद से पशुओं में होने वाली हड्डी टूटने जैसी समस्याओं या अन्य आंतरिक बीमारियों का जल्दी और सटीक पता लगाया जा सकेगा। साथ ही अल्ट्रासाउंड की सुविधा से पशुओं की गर्भ जांच और अन्य आंतरिक समस्याओं की पहचान भी संभव होगी।
निर्माण के लिए स्वीकृत हुआ बजट
इस मॉडल पशु चिकित्सालय के निर्माण के लिए लगभग 377.61 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। निर्माण कार्य शुरू करने के लिए पहली किस्त के रूप में 113.28 लाख रुपये भी जारी किए जा चुके हैं।
जानकारी के अनुसार अस्पताल के निर्माण के लिए पुराने भवन को हटाकर एक नया आधुनिक भवन तैयार किया जाएगा, जिसमें सभी आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं और उपकरण स्थापित किए जाएंगे।
आसपास के जिलों को भी मिलेगा लाभ
इस अस्पताल के बनने से केवल पौड़ी जिले ही नहीं बल्कि आसपास के रुद्रप्रयाग और चमोली जिलों के पशुपालकों को भी इसका लाभ मिलेगा। श्रीनगर क्षेत्र इन जिलों के बीच महत्वपूर्ण केंद्र होने के कारण यहां बनने वाला यह अस्पताल कई क्षेत्रों के लोगों के लिए उपयोगी साबित होगा।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
स्थानीय लोगों और पशुपालकों का मानना है कि इस पहल से क्षेत्र में पशुपालन को बढ़ावा मिलेगा। समय पर इलाज और बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलने से पशुओं की सेहत बेहतर रहेगी, जिससे दूध उत्पादन और अन्य पशु उत्पादों में भी वृद्धि हो सकती है।
विशेषज्ञों के अनुसार पशुपालन पहाड़ी क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ऐसे में आधुनिक पशु चिकित्सालय की स्थापना से न केवल पशुपालकों को राहत मिलेगी बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
कुल मिलाकर, श्रीनगर में बनने वाला यह मॉडल पशु चिकित्सालय क्षेत्र के पशुपालकों के लिए एक बड़ी सुविधा साबित हो सकता है और आने वाले समय में पशुपालन क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

