विश्वविद्यालय में कौशल विकास कार्यक्रम के प्रशिक्षित युवाओं की पहली कार्यशाला का आयोजन
पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय और पार्टनर्स इन प्रॉसपेरिटी संस्था, पंतनगर के संयुक्त तत्वावधान में कृषि महाविद्यालय में पूर्व प्रशिक्षित युवाओं के नेटवर्क मीट का आयोजन 26 जून 2025 को किया गया। इस कार्यशाला की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने की।
अपने संबोधन में कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने प्राध्यापक डॉ. धनंजय कुमार सिंह के कार्यों की सराहना की और कहा कि वे वर्ष 2004 से जैविक खेती के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा अपने वैज्ञानिक सुझावों और नवाचारों को लगातार ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों एवं युवाओं तक पहुंचा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि किसी प्रशिक्षण की वास्तविक सार्थकता तभी सिद्ध होती है जब सीखी गई तकनीकों को जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू किया जाए। विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा दिए गए सुझावों के आधार पर किसान आत्मनिर्भर बन सकते हैं और टिकाऊ कृषि मॉडल अपना सकते हैं।
उल्लेखनीय है कि ग्रामीण युवाओं के लिए एक संगठित पहल के रूप में कोलिब्री फाउंडेशन, बेल्जियम के सहयोग से पार्टनर्स इन प्रॉसपेरिटी संस्था द्वारा वर्ष 2019 में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय के साथ मिलकर उत्तराखंड के नैनीताल जनपद में कृषि आधारित व्यावसायिक कौशल विकास कार्यक्रम प्रारंभ किया गया था।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी एवं युवाओं के पलायन की समस्या को कम करना तथा जैविक खेती को प्रोत्साहित करना है। इस अभियान में पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय ने तकनीकी सहयोगी की महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
अब तक इस कार्यक्रम के अंतर्गत 3,126 ग्रामीण युवाओं को व्यावसायिक कृषि प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इन प्रशिक्षित युवाओं को एक मंच पर लाकर उनके अनुभव साझा करने और उन्हें तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान करने हेतु यह पहली कार्यशाला आयोजित की गई। इस आयोजन में प्राध्यापक डॉ. डी.के. सिंह की विशेष भूमिका रही।
कार्यक्रम में निदेशक शोध डॉ. ए.एस. नैन, अधिष्ठाता कृषि डॉ. सुभाष चंद्रा, पार्टनर्स इन प्रॉसपेरिटी के सचिव गवर्निंग बोर्ड डॉ. जी.सी. सिलुवप्पन, तथा क्षेत्रीय प्रमुख संजय साह सहित अनेक गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

