उत्तराखंड के क्षतिग्रस्त मार्गों को लेकर गढ़वाल सांसद ने की केंद्रीय मंत्री से बैठक
उत्तराखंड में हाल ही में हुई अतिवृष्टि और बादल फटने की घटनाओं ने क्षेत्र की सड़कों को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इन आपदाओं के कारण कई राजमार्ग और पुल पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के कारण यहां के लोगों का जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। यहां पर कई जगहों पर सड़क को काफी नुकसान हुआ है। इन हालातों को ध्यान में रखते हुए, गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की।
इस बैठक में NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के चेयरमैन सहित सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सभी वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य गढ़वाल क्षेत्र में क्षतिग्रस्त सड़कों और पुलों के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करवाना था।
पौड़ी का कलगड़ी ब्रिज पूरी तरह ध्वस्त
इस बैठक में सांसद अनिल बलूनी ने पौड़ी जिले के कलगड़ी क्षेत्र में स्थित 20 मीटर के ब्रिज के पूर्ण रूप से नष्ट हो जाने की जानकारी दी। यह ब्रिज स्थानीय ग्रामीणों के लिए जीवनरेखा समान था क्योंकि यह क्षेत्र को मुख्य सड़क नेटवर्क से जोड़ता था।
सांसद ने केंद्रीय मंत्री से ब्रिज के पुनर्निर्माण को अत्यंत प्राथमिकता पर रखने का आग्रह किया ताकि लोगों को आवागमन में कठिनाई का सामना न करना पड़े।
सुकई और जैतोली में मार्ग क्षतिग्रस्त
इसके अतिरिक्त, सुकई और जैतोली जैसे दुर्गम क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण मार्ग पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इन मार्गों की मरम्मत न होने की स्थिति में न केवल लोगों की आवाजाही बाधित हो रही है, बल्कि आपातकालीन सेवाएं भी प्रभावित हो रही हैं।
चीन सीमा को जोड़ने वाले हाईवे को भारी नुकसान
सबसे गंभीर स्थिति चमोली जिले के तपोवन से आगे सलधार क्षेत्र में देखने को मिली, जहां अतिवृष्टि के कारण चीन सीमा से जोड़ने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 20 मीटर हिस्सा पूरी तरह बह गया है।
यह मार्ग सामरिक दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, और इसका क्षतिग्रस्त होना न केवल स्थानीय लोगों के लिए परेशानी का कारण बन रहा है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंताजनक है।
केंद्रीय मंत्री ने लिया त्वरित संज्ञान
सांसद अनिल बलूनी द्वारा प्रस्तुत की गई इन सभी समस्याओं पर नितिन गडकरी ने त्वरित संज्ञान लिया और बैठक में उपस्थित अधिकारियों को तुरंत सभी प्रभावित मार्गों और पुलों के त्वरित सर्वेक्षण, मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य प्रारंभ करने के स्पष्ट निर्देश दिए।
उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस आपदा की घड़ी में उत्तराखंड और विशेष रूप से गढ़वाल क्षेत्र के लोगों के साथ मजबूती से खड़ी है।
क्षेत्र की जनता को मिलेगी राहत
यह निर्णय गढ़वाल क्षेत्र के लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आएगा। सड़कें और पुल जितनी जल्दी दुरुस्त होंगे, जनजीवन उतना ही शीघ्र सामान्य हो सकेगा।
आपातकालीन सेवाओं की बहाली, राशन और स्वास्थ्य सुविधाओं की सुगमता तथा क्षेत्र में पर्यावरण और पर्यटन से जुड़ी आर्थिक गतिविधियों की पुनर्बहाली तब तेजी से हो सकेगी।
यह उच्चस्तरीय बैठक केंद्रीय मंत्री की तत्परता दर्शाती है कि गढ़वाल क्षेत्र की समस्याओं को प्राथमिकता दी जा रही है। आने वाले दिनों में जब पुनर्निर्माण कार्य ज़मीनी स्तर पर आरंभ होंगे, तो इससे न केवल सड़कों की स्थिति सुधरेगी, बल्कि यह क्षेत्र के लोगों के जीवन को फिर से गतिशील बनाएगा।

