राज्यपाल ने किया अंतर-विश्वविद्यालय खेल एवं क्रीड़ा महोत्सव का शुभारंभ
गोविन्द बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के स्टीवेंसन स्टेडियम में उत्तराखंड राज्य अंतर-विश्वविद्यालय खेल एवं क्रीड़ा महोत्सव 2025-26 का उद्घाटन मुख्य अतिथि राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा किया गया। महोत्सव में प्रदेश के 10 विश्वविद्यालयों से लगभग 722 विद्यार्थी प्रतिभाग कर रहे हैं।
मुख्य अतिथि द्वारा खेल महोत्सव के उद्घाटन की घोषणा के साथ ही स्टेडियम तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। समारोह का विशेष आकर्षण खिलाड़ियों का मशाल के साथ प्रवेश रहा, जिसने आयोजन में रोमांच और जोश का संचार किया। इसके उपरांत चांसलर ट्रॉफी का अनावरण एवं स्मारिका का विमोचन राज्यपाल द्वारा किया गया।
ध्वजारोहण के साथ खेल महोत्सव की औपचारिक शुरुआत हुई। इसके बाद विभिन्न विश्वविद्यालयों के खिलाड़ियों ने आकर्षक मार्च-पास्ट प्रस्तुत किया। खिलाड़ियों की सुसंगठित टुकड़ियों, एकरूप परिधान और अनुशासित कदमताल ने दर्शकों का मन मोह लिया। मार्च-पास्ट के उपरांत खिलाड़ियों द्वारा खेल भावना, निष्पक्षता और ईमानदारी की शपथ ग्रहण की गई।

अपने संबोधन में राज्यपाल ने कहा कि खेल व्यक्ति के चरित्र निर्माण का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेलों को अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से उत्कृष्टता प्राप्त करें।
उन्होंने कहा कि युवाओं का अनुशासन और जोश देश को वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। 800 मीटर की दौड़ में प्रतिभाग कर रहे युवाओं, खासकर महिला प्रतिभागियों के जोश के लिए उन्होंने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।
उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति की इस व्यापक खेल प्रतियोगिता के आयोजन के लिए सराहना की और कहा कि यह आयोजन भविष्य के लिए एक उदाहरण साबित होगा।
कार्यक्रम के अध्यक्षीय संबोधन में कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान ने कहा कि विश्वविद्यालय सदैव शैक्षणिक उत्कृष्टता के साथ-साथ खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को भी समान महत्व देता है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
उन्होंने विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं कुलसचिवों की इस कार्यक्रम में उपस्थिति तथा विद्यार्थियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा इस कार्यक्रम के आयोजन हेतु राज्यपाल के सुझाव एवं मार्गदर्शन के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
कुलसचिव डॉ. दीपा विनय द्वारा खेल महोत्सव की रूपरेखा प्रस्तुत की गई तथा बताया गया कि इस राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में विभिन्न विश्वविद्यालयों के सैकड़ों खिलाड़ी विविध खेल स्पर्धाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने आयोजन की तैयारियों एवं व्यवस्थाओं की जानकारी भी साझा की।
अंत में अधिष्ठाता छात्र कल्याण ने स्वागत भाषण में सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का अभिनंदन करते हुए कहा कि खेल न केवल शारीरिक सशक्तिकरण का माध्यम हैं, बल्कि वे अनुशासन, नेतृत्व, टीम भावना और सकारात्मक सोच का विकास भी करते हैं।
800 मीटर दौड़ (पुरुष एवं महिला वर्ग) के परिणाम
पुरुष वर्ग में अंकित नांग, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय प्रथम; आशिफ, श्री देव सुमन विश्वविद्यालय द्वितीय; एवं ललित सिंह, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा तृतीय स्थान पर रहे।
महिला वर्ग में नीतू, कुमाऊं विश्वविद्यालय प्रथम; चांदनी, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय द्वितीय; तथा शीतल भट्ट, सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा तृतीय स्थान पर रहीं। विजेताओं को माननीय राज्यपाल द्वारा सम्मानित किया गया।

कृषि महाविद्यालय के स्नातक कार्यक्रम के छात्र ऋषि राज को खेल का ‘लोगो’ तैयार करने के लिए, सामुदायिक विज्ञान महाविद्यालय की शिवांगी भट्ट (स्नातक प्रथम वर्ष) को ‘शुभंकर’ तैयार करने तथा पिंकी (स्नातक चतुर्थ वर्ष) को अल्पना डिज़ाइन करने के लिए सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अंत में अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं आयोजन सचिव डॉ. ए.एस. जीना द्वारा सभी उपस्थित जनों का धन्यवाद ज्ञापित किया गया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के साथ कुलपति प्रोफेसर मनमोहन सिंह चौहान, कुलपति कुमाऊं विश्वविद्यालय डॉ. डी.एस. रावत, कुलसचिव एवं अध्यक्ष, आयोजक मंडल डॉ. दीपा विनय, अधिष्ठाता छात्र कल्याण एवं आयोजन सचिव डॉ. ए.एस. जीना मंचासीन थे।
साथ ही अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरुण कुमार त्रिपाठी; हेमवती नंदन बहुगुणा चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. भानू दुग्गल; सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय, अल्मोड़ा के कुलपति प्रो. सतपाल सिंह एवं विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलसचिव उपस्थित रहे।
इसके साथ ही ऊधमसिंह नगर के जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, अन्य प्रशासनिक अधिकारी, विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता, निदेशकगण, संकाय सदस्य एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।

