देहरादून में हेली सेवाओं में बड़ा बदलाव, सहस्त्रधारा से उड़ान की तैयारी
उत्तराखंड में हवाई कनेक्टिविटी को अधिक सुलभ, प्रभावी और यात्री-अनुकूल बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है। प्रस्ताव के तहत वर्तमान में जौलीग्रांट एयरपोर्ट से संचालित निजी हेलीकॉप्टर सेवाओं को शहर के करीब स्थित सहस्त्रधारा हेलीपैड में स्थानांतरित करने की योजना बनाई गई है।
इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर सुविधा, समय की बचत और अधिक किफायती यात्रा विकल्प उपलब्ध कराना है। इस दिशा में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और प्रारंभिक स्तर पर सहमति भी बन चुकी है।
लंबी दूरी और खर्च से मिलेगी राहत
वर्तमान में हेलीकॉप्टर सेवाओं का लाभ उठाने के लिए यात्रियों को देहरादून शहर से लगभग 25 से 30 किलोमीटर दूर जौलीग्रांट एयरपोर्ट तक यात्रा करनी पड़ती है। इससे न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि अतिरिक्त परिवहन खर्च भी बढ़ जाता है। खासतौर पर आपातकालीन या त्वरित यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।
सहस्त्रधारा: अधिक सुविधाजनक विकल्प
शहर के निकट स्थित सहस्त्रधारा हेलीपैड इस समस्या का व्यावहारिक समाधान बनकर उभर रहा है। यहां से हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन से यात्रियों को तेज, सुगम और अधिक सुलभ यात्रा का लाभ मिलेगा। साथ ही पर्यटकों के लिए भी यह स्थान अधिक आकर्षक और आसान पहुंच वाला साबित होगा।
प्रस्ताव के तहत सहस्त्रधारा हेलीपैड पर ईंधन भरने (फ्यूलिंग) की सुविधा, उन्नत तकनीकी उपकरण और बेहतर यात्री सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इसके अलावा प्रतीक्षालय, सुरक्षा प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं को भी आधुनिक बनाया जाएगा, जिससे यात्रियों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं मिल सकें।
पर्यटन और अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि इस फैसले से राज्य के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिलेगी। सहस्त्रधारा पहले से ही एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, और यहां से हेली सेवाएं शुरू होने पर चारधाम सहित अन्य दूरस्थ क्षेत्रों तक पहुंच और आसान हो जाएगी।
इसके अलावा, इस योजना से निवेश और रोजगार के नए अवसर भी पैदा होने की संभावना है। स्थानीय व्यवसायों को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।
आपातकालीन सेवाएं भी होंगी सशक्त
हेलीकॉप्टर सेवाओं के विस्तार से आपदा प्रबंधन और चिकित्सा आपातकालीन सेवाओं को भी मजबूती मिलेगी। उत्तराखंड जैसे पर्वतीय राज्य में त्वरित हवाई सेवाएं जीवन रक्षक साबित हो सकती हैं।
इस प्रस्ताव को उच्चाधिकार प्राप्त समिति की बैठक में मंजूरी मिल चुकी है। अब इसे अंतिम स्वीकृति के लिए केंद्र सरकार को भेजा जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।

