भूमाफिया के कब्जे से मुक्त कराया गया मेजर की बेटी का मकान, 24 घंटे में कार्रवाई
सेना में मेजर रहे स्वर्गीय बिपिन चंद्र भट्ट की बेटी अंजना को उनके मकान पर दोबारा कब्जा दिलाने के लिए प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने 24 घंटे के भीतर इंदिरा नगर स्थित मकान को कथित भूमाफियाओं के कब्जे से मुक्त करा दिया। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अंजना के पिता स्व. बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे। उनका इंदिरा नगर क्षेत्र में ए-418 नंबर का मकान है। उनका निधन वर्ष 1994 में हो गया था। परिवार में एक बेटे और दो बेटियों में से अब केवल अंजना ही जीवित हैं। मानसिक स्वास्थ्य संबंधी बीमारी से पीड़ित होने के कारण वह वर्ष 2016 से एक रिहैबिलिटेशन सेंटर में उपचाराधीन हैं।
आरोप है कि चंदौली निवासी बलवंत कुमार यादव और मनोज कुमार यादव ने अंजना की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मकान पर कब्जा कर लिया और वहां अपना बोर्ड लगा दिया। इस संबंध में अंजना की ओर से 6 दिसंबर को स्थानीय थाने में प्रार्थना पत्र भी दिया गया था, लेकिन समाधान में देरी हो रही थी।
31 दिसंबर को अंजना ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर अपनी समस्या रखी। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद स्थानीय प्रशासन और पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच शुरू की गई। गुरुवार को पुलिस बल की मौजूदगी में मकान को खाली कराकर अंजना को उसका कब्जा सौंप दिया गया।
एसीपी गाजीपुर अनिंद्य विक्रम सिंह के अनुसार, इस प्रकरण में आरोपी बलवंत कुमार यादव उर्फ बब्लू (निवासी नारायणपुर, सैयदराजा, चंदौली) और मनोज कुमार यादव (निवासी दाउदपुर, थाना कोतवाली, चंदौली) को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
मकान में प्रवेश के दौरान अंजना भावुक हो गईं। पुलिस और अधिकारियों की मौजूदगी में उन्होंने अपने घर को देखा और प्रशासन के प्रति आभार जताया। स्थानीय लोगों के अनुसार, लंबे समय से लंबित इस मामले में त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में सकारात्मक संदेश गया है।

