सुजुकी-होंडा समेत कई जापानी कंपनियां करेंगी यूपी में निवेश
उत्तर प्रदेश को हरित औद्योगिक विकास और ग्रीन मोबिलिटी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार के प्रयासों को अंतरराष्ट्रीय समर्थन मिल रहा है।
जापान की प्रमुख ऑटोमोबाइल और ऑटो-घटक कंपनियां सुजुकी मोटर कार्पोरेशन, होंडा मोटर कोर्पोरेशन लिमिटेड और मिंडा कोर्पोरेशन ने राज्य में निवेश की संभावनाओं पर सकारात्मक रुचि दिखाई है।
जापान दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन कंपनियों के शीर्ष नेतृत्व के साथ विस्तृत बैठकें कीं।
इस दौरान सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष तोशिहिरो सुजुकी और मारूती सुजुकी इंडिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ हिसाशी ताकेउची ने उत्तर प्रदेश में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) संयंत्र स्थापित करने का प्रस्ताव रखा। इसे राज्य में स्वच्छ ऊर्जा और वैकल्पिक ईंधन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।
चार दिवसीय विदेश दौरे में बड़े निवेश प्रस्ताव
राज्य सरकार के अनुसार, मुख्यमंत्री के चार दिवसीय सिंगापुर और जापान दौरे के दौरान बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। सिंगापुर में लगभग 1 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले, जिनमें से 60,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। वहीं जापान में करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए और 90,000 करोड़ रुपये के एमओयू संपन्न हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चर्चाएं नवीकरणीय ऊर्जा, ऑटोमोबाइल वैल्यू चेन के विस्तार और रोजगार सृजन पर केंद्रित रहीं। सुजुकी द्वारा प्रस्तावित सीबीजी प्लांट से राज्य में हरित ईंधन उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों को भी जैविक अपशिष्ट के बेहतर उपयोग का अवसर मिल सकता है।
ऑटो क्लस्टर और भूमि की पेशकश
राज्य सरकार ने निवेशकों को बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र में नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं के लिए प्रतिस्पर्धी दरों पर भूमि उपलब्ध कराने की पेशकश की है।
इसके अलावा, प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में ऑटो क्लस्टर विकसित करने के लिए उपयुक्त भूमि चिन्हित करने की जानकारी भी दी गई। सरकार का मानना है कि इससे सप्लाई चेन मजबूत होगी और स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
यूपी में होंडा की मजबूत मौजूदगी
होंडा मोटर कंपनी, जिसने तीन दशक पहले ग्रेटर नोएडा में अपनी पहली फैक्ट्री और कॉरपोरेट कार्यालय स्थापित किया था, ने भी उत्तर प्रदेश में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
हालांकि होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड ने ग्रेटर नोएडा संयंत्र में उत्पादन बंद कर राजस्थान के टपूकड़ा प्लांट में निर्माण गतिविधियां स्थानांतरित कर दी हैं, लेकिन उसका कॉरपोरेट मुख्यालय अब भी ग्रेटर नोएडा में स्थित है।
होंडा मोटर कंपनी के निदेशक, कार्यकारी उपाध्यक्ष एवं प्रतिनिधि कार्यकारी अधिकारी नोरिया काइहारा ने कहा कि भारत में कंपनी के कुल निवेश का लगभग 30 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में किया गया है। उन्होंने कहा कि राज्य में ऑटोमोबाइल और सहायक उद्योगों के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं।
ग्रीन मोबिलिटी हब बनने की दिशा में कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रस्तावित निवेश योजनाएं धरातल पर उतरती हैं, तो उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहनों, वैकल्पिक ईंधन और नवीकरणीय ऊर्जा आधारित ऑटो उद्योग का महत्वपूर्ण केंद्र बन सकता है। राज्य सरकार की सक्रिय निवेश नीति और भूमि उपलब्धता की रणनीति से प्रदेश को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिल सकती है।
जापानी कंपनियों की यह रुचि उत्तर प्रदेश को हरित औद्योगिक विकास के नए दौर में प्रवेश दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।

