राज्यपाल ने प्रगतिशील किसान कपिल शर्मा को किया सम्मानित
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित ‘वसंतोत्सव 2026 – फ्लोरल हीलिंग: नेचर्स पाथ टू वेलबीइंग’ कार्यक्रम में रुद्रप्रयाग जिले के टिमरिया (अगस्त्यमुनि) निवासी प्रगतिशील किसान कपिल शर्मा को फल, सब्जी और पुष्प उत्पादन में उत्कृष्ट योगदान के लिए राज्यपाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह सम्मान राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह द्वारा प्रदान किया गया।
आधुनिक खेती से बदली तस्वीर
कपिल शर्मा ने पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर आधुनिक और वैज्ञानिक पद्धतियों को अपनाया है। पॉलीहाउस के माध्यम से संरक्षित खेती, ड्रिप सिंचाई प्रणाली, उन्नत किस्म के बीज और जैविक उर्वरकों के संतुलित उपयोग से उन्होंने कम लागत में अधिक और गुणवत्तापूर्ण उत्पादन हासिल किया।
उनके खेतों में विभिन्न मौसमी सब्जियां, उच्च गुणवत्ता वाले फल और आकर्षक पुष्पों की खेती की जाती है। स्थानीय और बाहरी बाजारों में उनकी उपज की अच्छी मांग है, जिससे उन्हें बेहतर आय प्राप्त हो रही है। विशेष रूप से संरक्षित खेती के कारण मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों में भी उत्पादन प्रभावित नहीं होता, जिससे निरंतर आपूर्ति बनी रहती है।

रोजगार और प्रेरणा का केंद्र
कपिल शर्मा के प्रयासों का प्रभाव केवल उनके खेत तक सीमित नहीं है। उनके कृषि मॉडल से गांव के युवाओं और महिलाओं को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है। पैकिंग, ग्रेडिंग, विपणन और खेत प्रबंधन जैसे कार्यों में स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ी है।
वे नियमित रूप से अन्य किसानों को आधुनिक तकनीकों, जल संरक्षण और जैविक खेती के बारे में जानकारी देते हैं। उनके खेत को कई किसान प्रशिक्षण और प्रेरणा केंद्र के रूप में भी देखने आते हैं।
कार्यक्रम में राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि ऐसे प्रगतिशील किसान राज्य की अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि आधुनिक तकनीकों और उद्यानिकी के विस्तार से प्रदेश में कृषि आधारित स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

वसंतोत्सव 2026 की विशेषताएं
27 फरवरी से 1 मार्च 2026 तक चले इस तीन दिवसीय आयोजन में प्रदेशभर से किसान, कृषि विशेषज्ञ और उद्यमी शामिल हुए। पुष्प प्रदर्शनी, जैविक उत्पादों के स्टॉल, तकनीकी सत्र और कृषि नवाचारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम को आकर्षक बनाया।
जल संरक्षण, प्राकृतिक खेती, बाजार प्रबंधन और वैल्यू एडिशन जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने किसानों को बदलते बाजार परिदृश्य और नई तकनीकों के उपयोग पर मार्गदर्शन दिया।
सम्मान को समर्पित किया क्षेत्र के किसानों को
सम्मान प्राप्त करने के बाद कपिल शर्मा ने इस उपलब्धि को अपने परिवार और क्षेत्र के किसानों को समर्पित किया। उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक सोच और नई तकनीकों को अपनाकर कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सकता है।
उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे खेती और उद्यानिकी को रोजगार के सशक्त माध्यम के रूप में अपनाएं। उनके शब्दों में, ‘यदि सही दिशा और आधुनिक तकनीक का साथ हो, तो खेती न केवल आत्मनिर्भर बना सकती है, बल्कि दूसरों को भी रोजगार दे सकती है।’
कपिल शर्मा की सफलता यह दर्शाती है कि नवाचार, परिश्रम और वैज्ञानिक दृष्टिकोण से पहाड़ी क्षेत्रों में भी कृषि को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है।

