हरिद्वार के विकास के लिए जुटे त्रिवेन्द्र, मुख्यमंत्री योगी से मांगा सहयोग
लखनऊ — उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं हरिद्वार से सांसद त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने हाल ही में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ स्थित उनके सरकारी आवास पर शिष्टाचार भेंट की।
यह भेंट केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि क्षेत्रीय विकास के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रही। इस दौरान सांसद रावत ने हरिद्वार संसदीय क्षेत्र की भावी जरूरतों एवं संभावनाओं को लेकर तीन प्रमुख मुद्दों पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित किया।
1. IIT रुड़की का विस्तार – शिक्षा एवं नवाचार के क्षेत्र में नई संभावनाएं
सांसद रावत ने IIT रुड़की परिसर के विस्तार हेतु उत्तर प्रदेश सीमा के अंतर्गत आने वाली भूमि को संस्थान को सौंपे जाने का आग्रह किया।
उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से निवेदन किया कि यदि उत्तर प्रदेश सरकार इस दिशा में सकारात्मक सहयोग प्रदान करती है, तो उच्च शिक्षा, नवाचार और शोध के क्षेत्र में न सिर्फ उत्तराखंड, बल्कि समीपवर्ती उत्तर प्रदेश को भी लाभ मिलेगा। इससे देशभर के छात्र-छात्राओं को भी गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा और अनुसंधान के बेहतर अवसर उपलब्ध होंगे।
2. इक़बालपुर-नागल सिंचाई परियोजना – किसानों की समृद्धि के लिए ठोस पहल
कृषि आधारित क्षेत्र होने के कारण हरिद्वार एवं आसपास के क्षेत्रों में सिंचाई की सुविधा को लेकर कई चुनौतियाँ सामने आती रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए सांसद रावत ने वर्षों से लंबित पड़ी इक़बालपुर-नागल सिंचाई परियोजना को शीघ्रता से पूरा करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना पूरी होने से हजारों किसानों को नियमित और पर्याप्त सिंचाई सुविधा मिलेगी, जिससे कृषि उत्पादकता में वृद्धि होगी और किसान आत्मनिर्भर बनेंगे।

3. रुड़की–मंगलौर नहर विकास योजना – ग्रामीण विकास की दिशा में कदम
रुड़की-मंगलौर क्षेत्र की एक प्रमुख सिंचाई नहर को लेकर भी त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने ठोस योजना बनाए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
उन्होंने कहा कि नहर के दोनों किनारों पर ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, हरित पट्टी, किसानों के लिए विपणन केंद्र जैसी दीर्घकालिक योजनाओं को विकसित किया जाना चाहिए। इससे क्षेत्र में न केवल कृषि को लाभ होगा, बल्कि पर्यटन, व्यापार और रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का सकारात्मक रुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसद रावत की बातों को गंभीरता से सुना और उन्हें आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी संभावित सहयोग के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के बीच आपसी समन्वय और साझेदारी से ऐसे विकास कार्यों को गति दी जा सकती है जो जनहित में हों।
“किसानों एवं युवाओं के कल्याण के लिए हम पूरी तरह से कटिबद्ध हैं। जिन विषयों को लेकर मैंने मुख्यमंत्री से चर्चा की, वे केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन के वाहक बन सकते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि इन पहलों से क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी और किसानों एवं युवाओं दोनों को व्यापक लाभ प्राप्त होगा।” — त्रिवेन्द्र सिंह रावत
सांसद त्रिवेन्द्र रावत की यह मुलाकात केवल शिष्टाचार भेंट नहीं, बल्कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में समन्वित विकास की एक गंभीर पहल मानी जा रही है।
यदि इन योजनाओं को समयबद्ध तरीके से अमलीजामा पहनाया गया, तो यह न केवल किसानों और युवाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होंगी, बल्कि दोनों राज्यों के बीच सहयोग की एक नई मिसाल भी कायम होगी।

