रोमांच को करियर में बदलने का मौका: आईटीबीपी के साथ रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण
उत्तराखंड को देश के अग्रणी साहसिक पर्यटन गंतव्य के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद द्वारा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (आईटीबीपी) के सहयोग से शिवपुरी, ऋषिकेश में स्थानीय युवाओं के लिए बेसिक रिवर राफ्टिंग प्रशिक्षण पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
उत्तराखंड सरकार की कौशल विकास नीति एवं साहसिक पर्यटन संवर्धन दृष्टिकोण के अनुरूप आयोजित यह प्रशिक्षण कार्यक्रम राज्य के युवाओं को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें एडवेंचर टूरिज्म सेक्टर में पेशेवर अवसरों से जोड़ने का कार्य करेगा।
10 फरवरी 2026 को इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ पर्वतारोहण एवं स्कीइंग संस्थान, औली के महानिरीक्षक/प्रधानाचार्य अखिलेश सिंह रावत द्वारा आईटीबीपी के वरिष्ठ अधिकारियों एवं विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की उपस्थिति में किया गया। इस अवसर पर उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।
यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 09 फरवरी 2026 से 01 मार्च 2026 तक (कुल 21 दिवसीय) संचालित किया जा रहा है, जिसमें राज्य के विभिन्न जनपदों से चयनित 17 स्थानीय युवाओं को आईटीबीपी के प्रशिक्षित विशेषज्ञों द्वारा व्हाइट वाटर राफ्टिंग का तकनीकी, सुरक्षा-आधारित एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जा रहा है।
यह पहल न केवल युवाओं में साहसिक खेलों के प्रति पेशेवर दक्षता विकसित करेगी, बल्कि उन्हें पर्यटन उद्योग से जोड़कर आत्मनिर्भरता की दिशा में भी सशक्त बनाएगी।
स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना
पर्यटन सचिव धीराज सिंह गर्ब्याल ने कहा कि ‘उत्तराखंड में साहसिक पर्यटन केवल एक पर्यटन गतिविधि नहीं, बल्कि युवाओं के लिए सम्मानजनक रोजगार एवं वैश्विक अवसरों का सशक्त माध्यम है। आईटीबीपी जैसे अत्यंत प्रशिक्षित एवं अनुशासित बल के साथ मिलकर स्थानीय युवाओं को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। हमारा लक्ष्य उत्तराखंड को सुरक्षित, प्रशिक्षित एवं पेशेवर एडवेंचर टूरिज्म हब के रूप में स्थापित करना है।’
उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद राज्य में सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने हेतु निरंतर प्रयासरत है तथा आईटीबीपी सहित अन्य विशेषज्ञ संस्थानों के साथ समन्वय स्थापित कर भविष्य में भी इस प्रकार के कौशल विकास कार्यक्रम संचालित करता रहेगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे तथा उन्हें राज्य में संचालित विभिन्न साहसिक पर्यटन गतिविधियों में रोजगार एवं उद्यमिता के अवसरों से जोड़ने हेतु मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा।
उत्तराखंड पर्यटन — कौशल, साहस और अवसर का संगम

