केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा आने से आवागमन अस्थायी रूप से बाधित
बारिश के मौसम के चलते इन दिनों चारधाम यात्रा में श्रद्धालुओं की संख्या में कमी देखने को मिल रही है। लगातार हो रही वर्षा के कारण यात्रा मार्ग के कई स्थानों पर भूस्खलन और मलबा आने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे मार्ग बार-बार बाधित हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप श्रद्धालुओं को आवाजाही में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और कई बार सुरक्षा की दृष्टि से उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोकना भी पड़ता है।
आज प्रातः 06:01 बजे सूचना प्राप्त हुई कि गौरीकुंड से लगभग एक किलोमीटर आगे छोड़ी के समीप केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर एवं मलबा आने के कारण मार्ग अस्थायी रूप से अवरुद्ध हो गया है।
सूचना मिलते ही जिला आपदा परिचालन केंद्र ने तत्काल सेक्टर अधिकारी, गौरीकुंड को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया गया है। संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर सुरक्षा उपायों के साथ-साथ मार्ग से मलबा हटाने और आवागमन को शीघ्र सुचारु करने के कार्य में जुटी हुई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि मार्ग को जल्द से जल्द खोलने के लिए सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर युद्धस्तर पर कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर रोका गया है तथा स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
उन्होंने बताया कि मौके पर डीडीआरएफ (DDRF), वाईएमएफ (YMF), आपदा मित्र, एमपीएफ (MPF) तथा पुलिस की टीमें पूरी मुस्तैदी के साथ राहत एवं सुरक्षा कार्यों में जुटी हुई हैं। इसके अतिरिक्त एनडीआरएफ (NDRF) एवं एसडीआरएफ (SDRF) की टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि आवश्यकता पड़ने पर उनकी सेवाएं तत्काल ली जा सकें।
जिला प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे धैर्य बनाए रखें, प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। मार्ग पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही यात्रियों की आवाजाही पुनः शुरू की जाएगी।

