हिमालय की चुनौती, धावकों का जुनून: नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का भव्य आगाज़

हिमालय की चुनौती, धावकों का जुनून: नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026 का भव्य आगाज़

27 राज्यों से 1,200 से अधिक प्रतिभागियों की सहभागिता; 75K और 42K दौड़ सफलतापूर्वक सम्पन्न; मुख्यमंत्री धामी ने किया वर्चुअल उद्घाटन

उत्तराखण्ड की सामरिक एवं प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण नीति घाटी आज इतिहास की साक्षी बनी, जब देश के 27 राज्यों से आए 1,200 से अधिक प्रतिभागियों के उत्साह और साहस के साथ ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026’ का भव्य शुभारम्भ हुआ।

उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा भारतीय सेना एवं भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के सहयोग से आयोजित इस तीन दिवसीय महाआयोजन का वर्चुअल उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने किया, जबकि आयोजन स्थल पर ध्वजारोहण माननीय कैबिनेट मंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री भरत सिंह चौधरी द्वारा किया गया।

पहले दिन 75 किलोमीटर अल्ट्रा रन (रिमखिम–नीति–मलारी) में 160 तथा 42 किलोमीटर मैराथन (मलारी–नीति–मलारी) में 155 धावकों ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने विरल ऑक्सीजन, खड़ी चढ़ाइयों और ऊंचाई वाले दुर्गम हिमालयी मार्गों को चुनौती देते हुए अपनी क्षमता का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। 75K एवं 42K श्रेणियों के विजेताओं की सूची शीघ्र जारी की जाएगी।

सीएम ने किया वर्चुअल उद्घाटन

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि ‘नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन’ सीमान्त क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास का संचार करने वाला आयोजन है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘फिट इंडिया’ अभियान और ‘वाइब्रेंट विलेज’ संकल्प को सीमांत क्षेत्रों तक पहुँचाने का यह एक प्रभावी माध्यम है।

“नीति घाटी का यह जागरण केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखण्ड के सीमान्त क्षेत्रों के स्वाभिमान, आत्मविश्वास और स्वावलम्बन की नई इबारत है। यह मंथन यहीं नहीं रुकेगा, बल्कि राज्य की प्रत्येक सीमान्त घाटी तक पहुँचेगा।” — पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री, उत्तराखण्ड

ध्वजारोहण एवं उपस्थित गणमान्य

स्थल पर ध्वजारोहण माननीय कैबिनेट मंत्री भरत सिंह चौधरी ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमान्त क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस प्रकार के आयोजन सीमावर्ती गांवों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

इस अवसर पर अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने सहभागिता की, जिनमें शैलेश बगोली (सचिव गृह एवं सचिव, मुख्यमंत्री), धीराज सिंह गर्ब्याल (सचिव पर्यटन), दौलत सिंह बिष्ट (जिला पंचायत अध्यक्ष, चमोली), ऋषि प्रसाद सती (उपाध्यक्ष, बद्री-केदार मंदिर समिति), संदीप रावत (नगर पालिका अध्यक्ष, गोपेश्वर), दलबीर दानू (मुख्यमंत्री प्रतिनिधि), कर्नल शांतनु बौरी (कमांडिंग ऑफिसर, गढ़वाल स्काउट), हरक सिंह (दर्जा राज्यमंत्री), डॉ. अभिषेक त्रिपाठी (मुख्य विकास अधिकारी, चमोली) तथा अरविंद गौड़ (जिला पर्यटन अधिकारी, चमोली) प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

राष्ट्रीय स्तर की सहभागिता

देश के 27 राज्यों से आए प्रतिभागियों ने इस आयोजन को राष्ट्रीय पहचान प्रदान की है। श्रेणीवार प्रतिभागियों का विवरण निम्नानुसार है:

◆ 75K अल्ट्रा रन – 160 प्रतिभागी
◆ 42K मैराथन – 155 प्रतिभागी
◆ 21K हाफ मैराथन – 215 प्रतिभागी
◆ 10K शॉर्ट रन – 210 प्रतिभागी
◆ 5K फन रन – 260 प्रतिभागी
◆ MTB चैलेंज – 100 प्रतिभागी (गमसाली–मलारी, 30 किमी)

कुल प्रतिभागी: 1,200+

वाइब्रेंट विलेज संकल्प — आदि कैलाश से नीति घाटी तक

यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘वाइब्रेंट विलेज’ योजना की उस श्रृंखला का विस्तार है, जिसकी शुरुआत गत वर्ष पिथौरागढ़ के आदि कैलाश क्षेत्र में आयोजित उच्च-ऊंचाई मैराथन से हुई थी। सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन, आजीविका और बुनियादी विकास को गति देने की दिशा में यह आयोजन एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

विशेष उल्लेखनीय तथ्य यह है कि आयोजन की घोषणा के मात्र चार महीनों के भीतर नीति घाटी में पंजीकृत होमस्टे क्षमता 35 कमरों से बढ़कर 450 से अधिक कमरों तक पहुंच गई है। यह सीमांत क्षेत्रों में पर्यटन आधारित आर्थिक विकास और रिवर्स माइग्रेशन का सशक्त उदाहरण है।

स्थानीय व्यंजन, हस्तशिल्प, पारम्परिक वेशभूषा, जड़ी-बूटी उत्पादों तथा फोटोग्राफी प्रदर्शनी के माध्यम से नीति घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है।

सांस्कृतिक संध्या बनी आकर्षण का केंद्र

शनिवार रात्रि मलारी गांव में उत्तराखण्ड पर्यटन विभाग द्वारा आयोजित सांस्कृतिक संध्या में प्रसिद्ध लोकगायक किशन महिपाल, संकल्प खेतवाल एवं प्रियंका महर ने अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। प्रतिभागियों और स्थानीय ग्रामीणों ने देर रात तक उत्साहपूर्वक सहभागिता की। यह आयोजन नीति घाटी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और लोक संस्कृति का जीवंत उत्सव बन गया।

आगामी कार्यक्रम (1–2 जून 2026)

◆ 1 जून 2026 – 5 किमी, 10 किमी एवं 21 किमी हाफ मैराथन, मलारी; पुरस्कार वितरण समारोह।
◆ 2 जून 2026 – 30 किमी MTB चैलेंज (गमसाली से मलारी) एवं MTB पुरस्कार वितरण समारोह।

Yogi Varta

Yogi Varta

Related articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *